वीवीआईपी सुरक्षा के लिए 122 पुलिसकर्मी प्रशिक्षित, 30 महिला उपनिरीक्षक ब्लेजर ड्यूटी पर होंगी तैनात
वाराणसी (जनवार्ता)। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को कमिश्नरेट वाराणसी में आयोजित पांच दिवसीय विशेष वीवीआईपी/वीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में 122 पुलिसकर्मियों (उपनिरीक्षक एवं आरक्षी) को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया गया।


पुलिस आयुक्त ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में वीआईपी सुरक्षा केवल पारंपरिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता, मानसिक संतुलन और व्यवहारिक कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों से प्राप्त ज्ञान का प्रभावी उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान वीआईपी सुरक्षा के सिद्धांत, पीएसओ की भूमिका, एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (एएसएल), थ्रेट प्रोटेक्शन, एक्सेस कंट्रोल, चेकिंग एवं फ्रिस्किंग, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन सिस्टम, वीआईपी फ्लीट प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, जनसभा एवं रोड शो सुरक्षा, तनाव प्रबंधन और आतंकवाद से जुड़े सुरक्षा पहलुओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी।
पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षुओं को दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (CBCT) भी कराई गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और जनोन्मुखी पुलिसिंग पर प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त सभी 122 पुलिसकर्मियों को आगामी वीवीआईपी/वीआईपी कार्यक्रमों एवं संवेदनशील आयोजनों में सादे वस्त्रों में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। वहीं, 30 महिला उपनिरीक्षकों को विशेष रूप से ब्लेजर ड्यूटी के लिए चिन्हित किया गया है, जो विभिन्न वीआईपी कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी।

