आधी रात चला बुलडोजर, हटाई गई 200 वर्ष पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब निर्माण परियोजना के तहत सोमवार देर रात प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 200 वर्ष पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मस्जिद रेलवे की भूमि पर स्थित थी और स्टेशन के प्रस्तावित विस्तार कार्य में बाधा बन रही थी।

प्रशासन ने पूरी कार्रवाई को अत्यंत गोपनीय ढंग से अंजाम दिया। सोमवार रात करीब 11:15 बजे वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद रात लगभग 12:15 बजे तक एक घंटे के भीतर मस्जिद को हटाने के साथ मलबा भी साफ कर दिया गया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) शिव हरि मीणा के नेतृत्व में कई आईपीएस अधिकारी, सैकड़ों पुलिसकर्मी तथा अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे। सुरक्षा कारणों से मीडिया समेत बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। ध्वस्तीकरण कार्य में पांच जेसीबी और दो पोकलैंड मशीनों का उपयोग किया गया।
कार्रवाई से पूर्व अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर, एसीपी विजय प्रताप सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया।
बताया जा रहा है कि काशी रेलवे स्टेशन को लगभग 330 से 400 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे रेल, बस और अन्य परिवहन सेवाओं का बेहतर समन्वय हो सकेगा।
फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का कहना है कि स्टेशन विस्तार परियोजना के तहत आवश्यक सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

