गांवों का सर्वांगीण विकास ही सरकार का लक्ष्य : केशव मौर्य
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ पंच सम्मेलन
वाराणसी (जनवार्ता)। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में “विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025” के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड के पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों का सर्वांगीण विकास और विकसित पंचायतों का निर्माण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की नई सोच के साथ कार्य हो रहा है और पिछले वर्षों में करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि नई योजना में केवल रोजगार सृजन ही नहीं, बल्कि गांवों के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और दीर्घकालिक विकास को भी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से लक्ष्य निर्धारित कर विकास कार्यों को गति देने का आह्वान करते हुए कहा कि गांवों से पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और निशुल्क खाद्यान्न वितरण जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा। उन्होंने वाराणसी में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का भी स्वागत किया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण विकास को नई दिशा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई योजना के माध्यम से अगले 25 वर्षों के ग्रामीण विकास का रोडमैप तैयार किया गया है और रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्राम्य विकास आयुक्त जी. एस. प्रियदर्शी ने बताया कि एक जुलाई 2026 से लागू नए अधिनियम के बाद यह पहला पंच सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के तहत रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है तथा पंचायतों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक जिम्मेदारी दी गई है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव रोहिणी आर. जी. ने कहा कि देश के स्तर पर इस अधिनियम के तहत पहला सम्मेलन वाराणसी में आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था देश के 2.8 लाख से अधिक ग्रामों में लागू की गई है और इसका उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद श्रमिक को रोजगार उपलब्ध कराना तथा पंचायतों को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

