चोलापुर शहीद स्मारक पर 101 फीट तिरंगे की मांग, 30 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी

चोलापुर शहीद स्मारक पर 101 फीट तिरंगे की मांग, 30 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी

वाराणसी (जनवार्ता)। चोलापुर शहीद स्मारक पर 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने समेत पांच मांगों को लेकर पूर्वांचल किसान संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह डोभी ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन के सकारात्मक निर्णय के लिए 15 सितंबर तक इंतजार किया जाएगा। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर से चोलापुर की धरती पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

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अजीत सिंह डोभी ने बताया कि 17 अगस्त 1942 को चोलापुर थाना परिसर में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पांच वीरों—रामनरेश यादव, पंचम राम, चौथी राजभर, निरहू पटेल और श्रीराम उर्फ बच्चू पटेल ने अंग्रेजों का झंडा उतारकर उसे जला दिया था और तिरंगा फहराया था। इसी दौरान अंग्रेजों ने गोली मारकर पांचों क्रांतिकारियों की हत्या कर दी थी।


उन्होंने कहा कि सरकार ने इन शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक का निर्माण कराया, लेकिन आज तक वहां राष्ट्रीय ध्वज स्थापित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाता है, लेकिन जिन वीरों ने तिरंगे की शान के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, उनके स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। शहीद स्मारक पर 101 फीट ऊंचा तिरंगा स्थापित करना पांचों अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अजीत सिंह डोभी ने कहा कि 17 अगस्त को हर वर्ष बड़ी संख्या में नेता और जनप्रतिनिधि शहीद स्मारक पर पहुंचते हैं। संगठन करीब 30 वर्षों से स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने की मांग करता आ रहा है। इस संबंध में गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, संस्कृति मंत्रालय, मुख्यमंत्री कार्यालय और जिलाधिकारी को भी मांग पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अब तक सकारात्मक पहल नहीं हुई।

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*राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर उठाए सवाल*
संगठन ने राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। अजीत सिंह डोभी के अनुसार, जिस भूमि पर चोलापुर शहीद स्मारक स्थित है, वह चोलापुर थाने की भूमि बताई गई है। रिपोर्ट में उक्त स्थान पर 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित नहीं किए जाने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा स्थान पर तकनीकी अथवा प्रशासनिक कारणों से ध्वज स्थापित करना संभव नहीं है तो शहीद स्मारक के निकट उपयुक्त वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई जाए। किसी समस्या का हवाला देकर मांग को समाप्त करना समाधान नहीं है।

*15 सितंबर तक निर्णय का इंतजार*
पूर्वांचल किसान संगठन ने कहा कि वह 15 सितंबर तक सरकार और जिला प्रशासन के निर्णय का इंतजार करेगा। इस अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति को आगे बढ़ाया जाएगा।
अजीत सिंह डोभी ने कहा कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहता, बल्कि शहीदों का सम्मान चाहता है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 30 सितंबर से चोलापुर की धरती से शहीदों के सम्मान की आवाज बुलंद की जाएगी। आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा।

*ये हैं प्रमुख मांगें*
चोलापुर शहीद स्मारक के निकट 101 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाए।
17 अगस्त शहीदी दिवस पर पांचों शहीदों को राजकीय सम्मान एवं सलामी देने की व्यवस्था की जाए।
चोलापुर में पांचों शहीदों के नाम पर संग्रहालय की स्थापना की जाए।
गोला-कटारी से चोलापुर तक करीब चार किलोमीटर मार्ग को ‘शहीद पथ’ घोषित किया जाए।
पांचों शहीदों के नाम राजकीय भूमि अभिलेखों में दर्ज कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
संगठन ने कहा कि चोलापुर के शहीदों का सम्मान किसी चुनावी मुद्दे का विषय नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। शहीदों ने तिरंगे के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था, इसलिए उनके स्मारक पर राष्ट्रीय ध्वज सम्मानपूर्वक स्थापित कराना संगठन का संकल्प है।

Shiv murti

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