एलिवेटेड रोड परियोजना में जनसंवाद और किसान हितों को प्राथमिकता देने की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। काशी में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं, विशेषकर एलिवेटेड रोड निर्माण को लेकर अधिवक्ता डॉ. देवेश श्रीवास्तव “बच्ची” ने विकास कार्यों के साथ प्रभावित किसानों और स्थानीय परिवारों के हितों को भी प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है।

उन्होंने कहा कि काशी में विकास की गति तेज हो, पर्यटन को बढ़ावा मिले और यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान हो, यह प्रत्येक नागरिक की इच्छा है। उनका मानना है कि एलिवेटेड रोड जैसी बड़ी परियोजनाएं शहर को नई पहचान देने और आधारभूत संरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले किसानों, भूमिधरों और स्थानीय परिवारों की चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके अनुसार विकास की प्रक्रिया में पारदर्शिता, स्पष्ट जानकारी और प्रभावित पक्षों के साथ प्रभावी संवाद बनाए रखना आवश्यक है, जिससे किसी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
डॉ. श्रीवास्तव ने सरकार और जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई कि विकास कार्यों के साथ-साथ किसान हितों की सुरक्षा, उचित मुआवजा, पारदर्शी प्रक्रिया और जनसंवाद को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि काशी की पहचान केवल उसकी सड़कों और भवनों से नहीं, बल्कि यहां के लोगों के विश्वास, सहभागिता और भावनाओं से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास और जनहित के बीच संतुलन स्थापित कर ऐसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास के साथ प्रभावित लोगों के हित भी सुरक्षित रह सकें।

