दालमंडी मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख

दालमंडी मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख

अंतिम आदेश के बिना नहीं होगी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

वाराणसी (जनवार्ता) । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र स्थित गोविंदपुरा कला की एक संपत्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि संबंधित प्राधिकारी द्वारा अंतिम आदेश पारित किए बिना किसी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही न्यायालय ने कहा है कि यदि याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई अंतिम आदेश पारित किया जाता है तो उसे दो सप्ताह तक प्रभावी नहीं किया जाएगा।

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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने सैयद अब्बास मुर्तजा शम्सी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य तथा गयासुद्दीन एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश शासन एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित किया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अरफात नाजिश, सैयद अहमद फैज़ान और रोशनी इब्राहिम ने न्यायालय को बताया कि वाराणसी नगर निगम द्वारा 26 मई 2026 को जारी नोटिस के आधार पर उनकी संपत्ति के विरुद्ध ध्वस्तीकरण, बेदखली अथवा अन्य कठोर कार्रवाई की आशंका है। उन्होंने कहा कि नोटिस के विरुद्ध आपत्तियां दाखिल की जा चुकी हैं, लेकिन उन पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार एवं नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एम.सी. चतुर्वेदी ने न्यायालय को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस पर अभी तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत को आश्वस्त किया कि अंतिम आदेश के बिना किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी।

प्रतिवादी पक्ष के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ताओं के विरुद्ध अंतिम आदेश पारित किया जाता है तो उसे दो सप्ताह तक लागू नहीं किया जाएगा, ताकि प्रभावित पक्ष को उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

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हाईकोर्ट के इस आदेश से फिलहाल दालमंडी क्षेत्र की संबंधित संपत्ति पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक जैसी स्थिति बन गई है। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे की किसी भी कार्रवाई से पूर्व विधिक प्रक्रिया का पूर्ण पालन किया जाएगा और अंतिम आदेश पारित होने तक ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा।

Shiv murti

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