वाराणसी में रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न
विद्युत उपकरणों के मानकीकरण पर मंथन
वाराणसी (जनवार्ता)। भारतीय रेलवे के सामान्य विद्युत विभाग में विद्युत उपकरणों एवं विद्युत सर्किटों के मानकीकरण को लेकर रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय दो दिवसीय बैठक शनिवार को वाराणसी मंडल के भारतेंदु सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने की।


बैठक में रेलवे बोर्ड, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), विभिन्न उत्पादन इकाइयों तथा जोनल रेलों के वरिष्ठ विद्युत अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान विद्युत उपकरणों, सर्किटों और अनुरक्षण प्रणालियों के मानकीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।

आर. राजगोपाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे में विद्युत प्रणालियों को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और दोषमुक्त बनाना है, ताकि ट्रेन संचालन समयबद्ध एवं सुचारु रूप से संचालित हो सके। उन्होंने विद्युत ऊर्जा प्रबंधन, हरित एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े उपकरणों की विश्वसनीयता तथा स्मार्ट मॉनिटरिंग प्रणालियों पर विशेष बल दिया।
बैठक में थ्री-फेज लोकोमोटिव के संशोधित सर्किट डायग्राम, वायरिंग स्कीम, ‘कवच’, डीपीडब्ल्यूसीएस और वीसीडी जैसी सुरक्षा प्रणालियों के एकीकरण, शॉर्ट सर्किट एवं फॉल्ट प्रोटेक्शन व्यवस्था की समीक्षा की गई। साथ ही ट्रैक्शन मोटर, कनवर्टर और ट्रांसफार्मर जैसे विद्युत उपकरणों के मानकीकरण तथा आरडीएसओ द्वारा निर्धारित नए तकनीकी मानकों को लागू करने की समयसीमा तय की गई।
अधिकारियों ने समयबद्ध अनुरक्षण, डायग्नोस्टिक डेटा सिस्टम के माध्यम से प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस, मौसम आधारित रखरखाव तथा विद्युत लाइन फेलियर की घटनाओं के तकनीकी विश्लेषण पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान विभिन्न उत्पादन इकाइयों और जोनल रेलों द्वारा विकसित तकनीकों, सर्किट डायग्राम और एलटी/एटी पैनलों का प्रदर्शन भी किया गया।
इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (आरई) आर.के. तिवारी, पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता संजय सिंघल, मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन, मुख्य विद्युत अभियंता (सामान्य) विनय कुमार यादव, आरडीएसओ एवं विभिन्न जोनल रेलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विद्युत आपूर्ति उपकरणों के संचालन संबंधी नियमों के अनुपालन तथा तकनीकी दिशानिर्देशों के लिए आरडीएसओ की मानक पुस्तिकाओं और वेबसाइट के अधिकतम उपयोग पर भी जोर दिया गया।

