आतंकी फंडिंग की जांच: बाल रोग विशेषज्ञ के बेटे अबू बकर से ८ घंटे पूछताछ, परिवार ने जताई ‘ब्रेनवॉश’ की आशंका
वाराणसी (जनवार्ता)। आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला में मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरिफ अंसारी के आवास और क्लिनिक पर छापेमारी की। टीम ने उनके २० वर्षीय बेटे अबू बकर (जो नीट की तैयारी कर रहा है) से करीब ८ घंटे तक पूछताछ की।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई टेरर फंडिंग और पाकिस्तान स्थित ISI से संभावित लिंक के इनपुट पर हुई। अबू बकर पर कश्मीरी हैंडलर से व्हाट्सएप चैट, सोशल मीडिया पर संदिग्ध पोस्ट/लाइक और पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों का शक है। टीम ने डिजिटल डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप आदि) जब्त कर लिए और ऑनलाइन ट्रैफिक की जांच की।
छापेमारी के बाद डॉ. आरिफ अंसारी ने पहली बार मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “परिवार को बेटे की किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नहीं थी। वह सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय है और उम्र के इस दौर में अनजाने में कुछ गलत कंटेंट या अकाउंट्स के संपर्क में आ गया होगा। हमें आशंका है कि उसके साथ ब्रेनवॉश किया गया हो सकता है।”
डॉ. अंसारी ने आगे कहा कि पूरा परिवार जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने अपील की कि बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएं।
**एजेंसियों का पक्ष**: अभी तक किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है। यूपी ATS, मुंबई ATS और IB की टीम डिजिटल साक्ष्यों, चैट्स और संपर्कों की गहन जांच कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स में रेलवे और सैन्य स्थलों से जुड़े इनपुट्स का भी जिक्र है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
यह मामला ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन और युवाओं पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है। काशी जैसे पवित्र शहर में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता सराहनीय है, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
जांच एजेंसियां फिलहाल हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। आगे की जानकारी के साथ अपडेट जारी रहेगा।

