संरक्षक दिवस के रूप में मनाया गया कल्लन बाबू का स्मृति समारोह
प्रथम निर्वाण दिवस पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
वाराणसी (जनवार्ता)। राजातालाब क्षेत्र स्थित भैरवतालाब के डॉ. राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज में लोकबंधु राजनारायण के ज्येष्ठ पुत्र स्वर्गीय राधे मोहन सिंह ‘कल्लन बाबू’ का प्रथम निर्वाण दिवस शुक्रवार को संरक्षक दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी में महाविद्यालय परिवार, अधिवक्ताओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रबंधक तोयज कुमार सिंह एवं प्राचार्य प्रो. आशुतोष कुमार ने लोकबंधु राजनारायण, डॉ. राम मनोहर लोहिया तथा स्वर्गीय राधे मोहन सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके उपरांत शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं उपस्थित अतिथियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. आशुतोष कुमार ने कहा कि स्व. राधे मोहन सिंह ‘कल्लन बाबू’ सभी के हितैषी एवं प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सदैव सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देते रहे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिवार उनके अधूरे शैक्षिक सपनों को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है।
अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने अपने संबोधन में कल्लन बाबू से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद किया। संगोष्ठी में प्रो. सुमन देवी, डॉ. सुशील कुमार दूबे, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. हेमंत सिंह, अंबरीष सिंह, रवि कुमार, जितेंद्र पटेल, अधिवक्ता विशाल नारायण सिंह एवं सुशील सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और उन्हें समाज तथा शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति बताया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नरेंद्र नारायण राय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ब्रजेश जायसवाल ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य, अधिवक्ता समुदाय एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। स्व. राधे मोहन सिंह ‘कल्लन बाबू’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

