20 साल बाद बलिया खाद्यान्न घोटाले में कोटेदार गिरफ्तार, ईओडब्ल्यू ने दबोचा
वाराणसी (जनवार्ता)। बहुचर्चित बलिया खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित कोटेदार राजेश्वर राम को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को सुबह 11 बजे बलिया जिले के बांसडीह से गिरफ्तार किया गया। वह वर्ष 2002 से 2005 के बीच हुए घोटाले के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था।


ईओडब्ल्यू के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2002-05 के दौरान बलिया के मुरलीछपरा विकासखंड के विभिन्न गांवों में संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत नाली, खड़ंजा, संपर्क मार्ग, सीसी रोड और पुलिया निर्माण सहित कई कार्य प्रस्तावित थे। इन कार्यों में लगे मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) और नकद धनराशि आवंटित की जानी थी।
आरोप है कि तत्कालीन जिम्मेदारों ने फर्जी मस्टर रोल तैयार कर वास्तविक मजदूरों के बजाय काल्पनिक श्रमिकों के नाम पर खाद्यान्न वितरण दर्शा दिया। इस तरह सरकारी खाद्यान्न का दुरुपयोग कर वर्ष 2002 से 2005 के बीच लगभग 53 लाख 50 हजार 75 रुपये की सरकारी क्षति पहुंचाई गई। इस घोटाले के संबंध में कुल 43 मुकदमे दर्ज किए गए थे।
ईओडब्ल्यू की जांच में संकलित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। गिरफ्तार कोटेदार राजेश्वर राम पुत्र भगवान राम, ग्राम श्रीपतिपुर, थाना दोकटी, जनपद बलिया का निवासी है। उसे आजमगढ़ स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

