पेंशनर्स संगठनों ने की वैलिडेशन एक्ट 2025 वापस लेने की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बुधवार को वाराणसी मंडल की बैठक शास्त्री घाट (कचहरी के निकट) पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडलीय संयोजक इं. एस.डी. मिश्र ने की, जबकि संचालन जिला संरक्षक बी. अवध नारायण पाण्डेय ने किया।
बैठक में विभिन्न पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान वित्त विधेयक 25 मार्च (वैलिडेशन एक्ट 2025) के एक वर्ष पूर्ण होने पर पेंशनर्स ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और इसे “काला दिवस” के रूप में मनाया।
वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन और उसके संदर्भित विषयों में कर्मचारियों का उल्लेख तो किया गया है, लेकिन पेंशनरों को शामिल नहीं किया गया है। इसे लेकर पेंशनर्स में गहरी चिंता है। उन्होंने बताया कि पूर्व के वेतन आयोगों में पेंशनरों का स्पष्ट उल्लेख होता रहा है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वैलिडेशन एक्ट 2025 को वापस लेने की मांग को लेकर 23 जून 2025 और 17 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में बुधवार को प्रदेशव्यापी अभियान के तहत जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को पुनः ज्ञापन सौंपा गया।
वाराणसी में बैठक के बाद पेंशनर्स जुलूस के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
बैठक को इं. शमसुल आरेफिन, इं. आर.पी. मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, डॉ. रामानंद दीक्षित, रामा यादव सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।


