10 हजार अजन्मी बेटियों का पिंडदान
वाराणसी (जनवार्ता)। पितृपक्ष की मातृ नवमी पर रविवार को दशाश्वमेध घाट पर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता का संदेश देते हुए 10 हजार अजन्मी बेटियों के प्रतीकात्मक पिंडदान और तर्पण का आयोजन किया गया।
‘आगमन सामाजिक संस्था’ के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में पांच वैदिक आचार्यों के सानिध्य में संस्था के संस्थापक सचिव डॉ. संतोष ओझा ने संकल्प लिया। जौ के आटे, शहद, देसी घी, काले तिल और गंगाजल से तैयार पिंडों का वैदिक विधि से पूजन और तर्पण किया गया। बाद में पिंडों को गंगा में विसर्जित कर कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।

संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार, वह वर्ष 2001 से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रही है। संस्था का दावा है कि पिछले 12 वर्षों में 1.5 लाख से अधिक अजन्मी बेटियों के लिए तर्पण, पिंडदान और पंचबलि जैसे आयोजन किए जा चुके हैं। आयोजकों ने इसे पुत्र मोह के खिलाफ सामाजिक चेतना जगाने का प्रयास बताया।

