अदमापुर में किसानों की बैठक पर पुलिस का सख्त पहरा
गांव छावनी में तब्दील
वाराणसी (जनवार्ता): राजातालाब तहसील के सेवापुरी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अदमापुर में भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर किसानों की आपसी बैठक से पहले प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरे असंतोष और तनाव का माहौल बन गया है।


मिर्जामुराद थाना पुलिस की टीम ने बैठक शुरू होने से पहले ही गांव में कड़े पहरे की व्यवस्था कर दी। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं और किसानों की आपसी चर्चा पर पाबंदी लगा दी गई है। किसान अपनी जमीनों के अधिग्रहण को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से रणनीति बनाने और भविष्य की दिशा तय करने के लिए बैठक बुलाने वाले थे, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने उन्हें हैरान कर दिया।
समाजसेवी सुबेदार यादव ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “हम अपनी ही जमीन और अधिकारों की बात करने के लिए शांतिपूर्ण बैठक कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने ऐसा माहौल बना दिया है जैसे हम अपने ही गांव में कैद हो गए हों। शांतिपूर्ण संवाद पर इस तरह का पहरा लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। प्रशासन को किसानों के आपसी संवाद से इतना डर क्यों है?”
स्थानीय किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था नहीं फैलाना चाहते थे, बल्कि केवल आपस में विचार-विमर्श कर आगे की रणनीति तय करना चाहते थे।
वर्तमान में अदमापुर गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील नजर आ रहा है। ग्रामीणों में भारी रोष है और वे इस कार्रवाई को अपनी लोकतांत्रिक आवाज को कुचलने की कोशिश बता रहे हैं।
प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

