नियमितीकरण, समान वेतन और निःशुल्क उपचार की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का धरना

नियमितीकरण, समान वेतन और निःशुल्क उपचार की मांग को लेकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का धरना

चिकित्सकों से लेकर एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी हुए शामिल

वाराणसी (जनवार्ता)। नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और स्वयं सहित परिवार के सदस्यों के लिए बिना भुगतान उपचार की सुविधा की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का तीन दिवसीय धरना शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में जारी रहा। आठ से दस अक्टूबर तक आयोजित इस धरने में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी स्वास्थ्य इकाइयों से पहुंचे सैकड़ों संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

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धरने में चिकित्सक, एएनएम, परिचारिकाएं, प्रयोगशाला प्राविधिक, परामर्शदाता और खंड कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न संवर्गों के कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शासन से अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।

तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए नीति लागू करना, समान पद एवं समान कार्य के आधार पर नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और भत्ते देना तथा कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को बिना भुगतान उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों और अभियानों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें स्थायी सेवा, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

‘अब आश्वासन नहीं, अधिकार चाहिए’

जिला अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी से लेकर जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तक संविदा कर्मचारियों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य, सामाजिक सुरक्षा और न्यायसंगत वेतन से जुड़े मुद्दे अब तक लंबित हैं।

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उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी मांगों पर ठोस निर्णय चाहते हैं। कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सरकार को जल्द कदम उठाना चाहिए।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष मिश्रा, उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार यादव और महामंत्री डॉ. सौरभ कुमार सिंह ने कहा कि यह आंदोलन केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जुड़ा है। उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

जिले भर के स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया भाग

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित धरने में कमलेश राय, आमिर खान, डॉ. सतीश कुमार सिंह, नीतीश कुमार चौबे, प्रकाश श्रीवास्तव, कमल कांत तिवारी, अली खान, विनय मिश्रा, डॉ. गीता यादव, रमेश यादव, रजनी कुमार दुबे, दिनेश सेन, अभिषेक कुमार सिंह, डॉ. अब्दुल जावेद और डॉ. कुंवर अमित सिंह सहित जिले की विभिन्न ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य इकाइयों के सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।

कर्मचारियों ने शासन से नियमितीकरण, समान वेतन और बिना भुगतान उपचार की सुविधा से संबंधित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन के आयोजकों के अनुसार, दस अक्टूबर तक तीन दिवसीय धरना जारी रहेगा।

Shiv murti

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