वाराणसी में आज से दो दिवसीय ‘नई पीढ़ी संवाद’, 10 जिलों के युवा होंगे शामिल*
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक असमानता के मुद्दों पर होगी चर्चा, 2 नवंबर को खुला सत्र*

वाराणसी (जनवार्ता)। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान (रोसा) की ओर से 1 और 2 नवंबर को सिद्धगिरिबाग, वाराणसी में दो दिवसीय ‘नई पीढ़ी संवाद’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें वाराणसी समेत पूर्वांचल के 10 जिलों के युवा प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर शनिवार को वीरेंद्र कपूर के आवास पर बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय शंकर पांडेय ने की, जबकि संचालन डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने किया।
बैठक में रोसा के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि देशभर में नई पीढ़ी के आंदोलन को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित यह संवाद पूर्वांचल में लोकतांत्रिक राजनीति की जमीन मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दो दिवसीय संवाद में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की राजनीतिक अर्थनीति, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक अर्थव्यवस्था, स्कूली शिक्षा की चुनौतियां, उच्च शिक्षा का संकट, अति पिछड़े वर्गों की सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियां, आदिवासियों के मूल अधिकार एवं पहचान तथा संवैधानिक लोकतंत्र की चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। जन आंदोलनों की भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजन के अंतिम दिन, 2 नवंबर को खुला सत्र होगा, जिसमें छात्रसंघ चुनाव के संदर्भ में विशेष चर्चा की जाएगी।
बैठक में बीएचयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव, सुरेंद्र प्रताप सिंह, कुंवर सुरेश सिंह, वीरेंद्र कपूर, अरविंद राय, दिनकर कपूर, कमलाकांत पांडेय और प्रशांत सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन रोसा के मीडिया प्रभारी आनंद मिश्रा ने किया।

