वाराणसी-कोलकाता सिक्स लेन हाईवे को मंजूरी, सफर होगा 7 घंटे
वाराणसी (जनवार्ता) |
वाराणसी से कोलकाता के बीच बिहार होकर बनने वाले छह लेन एनएच-319बी का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। रोहतास जिले में अटके दो पैकेजों को केंद्र सरकार ने एक में समेटते हुए वित्तीय मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लंबे समय से रुकी इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को नई रफ्तार मिल गई है।

वन क्षेत्र में तकनीकी और पर्यावरणीय बाधाओं के कारण प्रस्तावित टनल निर्माण को योजना से हटा दिया गया है। अब सड़क को सासाराम शहर के पास से गुजारा जाएगा, जिससे इसकी कुल लंबाई करीब 15 किलोमीटर बढ़ गई है।
परियोजना के पहले, दूसरे, तीसरे, छठे और सातवें पैकेज पर पहले से काम चल रहा है। सबसे बड़ी बाधा रोहतास के पैकेज चार और पांच में थी, जहां टनल निर्माण के लिए वन विभाग ने ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं दी। लागत बढ़ने की आशंका के बाद एनएचएआई ने नया डिजाइन तैयार कर सड़क को वन क्षेत्र से बाहर निकालने का फैसला लिया।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत पीपीपीएसी ने दोनों पैकेजों को मिलाकर हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) पर मंजूरी दी है। इस मॉडल में सरकार 40 प्रतिशत और निर्माण एजेंसी 60 प्रतिशत लागत वहन करेगी। निर्माण एजेंसी टोल के जरिए अपनी लागत की वसूली करेगी।
इस पैकेज में सोन नदी पर 3.5 किमी लंबा पुल और 6 छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। इस हिस्से पर करीब 2897 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि 310.77 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी।
हाईवे बनने के बाद वाराणसी से कोलकाता की दूरी, जो अभी करीब 14 घंटे में पूरी होती है, घटकर 6 से 7 घंटे रह जाएगी। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच व्यापार को नई मजबूती मिलेगी। खासकर हल्दिया बंदरगाह तक माल ढुलाई तेज और आसान होगी।

