वृंदावन नाव हादसा: भजन गाते श्रद्धालुओं की 10 मौतें
लुधियाना/वृंदावन (जनवार्ता)। मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में हुआ दर्दनाक नाव हादसा पंजाब के कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया। लुधियाना के जगराओं और दुगरी से दर्शन के लिए गए श्रद्धालुओं की नाव पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसे से पहले श्रद्धालुओं के आखिरी पलों का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी ‘राधे-राधे’ भजन गाते हुए खुशी-खुशी यमुना पार करते दिखाई दे रहे हैं। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।


दुगरी निवासी अंजू Gulati अपने पति राकेश गुलाटी, पड़ोसियों और मायके पक्ष के परिवार के साथ वृंदावन गई थीं। नाव में बैठने के बाद उन्होंने अपनी देवरानी सुमन गुलाटी को फोन कर कहा, “हम भजन करते हुए यमुना पार कर रहे हैं, बहुत मजा आ रहा है। माथा टेकने के बाद बात करूंगी।” सुमन ने बताया कि फोन पर पीछे से भजन की आवाज साफ सुनाई दे रही थी और सभी श्रद्धालु मस्ती में भजन गा रहे थे। आवाज ठीक से न आने पर अंजू ने फोन काट दिया।

करीब आधे घंटे बाद पड़ोसी रजिंदर कौर का फोन आया, जिसने बताया कि नाव पलट गई है और कई लोग डूब गए हैं। इसके बाद परिवार ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी का फोन नहीं मिला। कुछ देर बाद प्रशासन से हादसे की पुष्टि हुई।
परिजन तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गए। बाद में सूचना मिली कि अंजू गुलाटी, राकेश गुलाटी और मीनू बंसल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मीनू बंसल की बेटी भी नाव में थी, जिसका देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला।
जानकारी के मुताबिक, श्री बांके बिहारी क्लब, जगराओं की ओर से दो बसों में 130 श्रद्धालु वृंदावन लाए गए थे। कई श्रद्धालु थकान के कारण धर्मशाला में रुक गए थे, जिससे उनकी जान बच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव पुराने पुल के पिलर से टकराने के बाद असंतुलित होकर पलट गई। हादसे में जान गंवाने वालों में ईशान कटारिया भी शामिल था। उसके दादा कृष्ण कटारिया ने भावुक होकर कहा, “सोचा था पोते की बारात देखूंगा, लेकिन अब उसका शव देखना पड़ रहा है।”
यह हादसा श्रद्धा और भक्ति से भरे सफर को कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।

