प्रयागराज में अवैध प्लाटिंग का जाल, खरीदार रहें सतर्क
प्रयागराज (जनवार्ता)| शहर में अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। लगभग हर क्षेत्र में सक्रिय भूमाफिया गिरोह लोगों को झांसा देकर भूखंड बेच रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये लोग प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) से सीमित क्षेत्र का लेआउट पास कराकर बड़े पैमाने पर जमीन की प्लाटिंग कर रहे हैं और खरीदारों के साथ-साथ अधिकारियों को भी गुमराह कर रहे हैं।

भूमाफिया खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए पीडीए से स्वीकृत लेआउट दिखाते हैं, लेकिन बिक्री उस दायरे से बाहर की जमीन की करते हैं। उदाहरण के तौर पर 15 बिस्वा का लेआउट पास कराकर 15 से 20 बीघा तक अवैध प्लाटिंग की जा रही है।
पीडीए द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन उसका प्रभाव ज्यादा दिन नहीं टिकता। कुछ ही समय बाद उसी स्थान पर दोबारा प्लाटिंग शुरू हो जाती है। पिछले चार वर्षों में कई बड़ी कार्रवाइयों के बावजूद यह सिलसिला थम नहीं रहा है।
झलवा, पीपल गांव, मरियाडीह, रसूलपुर, नैनी, झूसी, फाफामऊ और द्रोपदीघाट जैसे क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा जमीन पर अवैध प्लाटिंग का नेटवर्क फैल चुका है।
गिरोह अब तक हजारों लोगों को गुमराह कर चुका है। पास लेआउट का दस्तावेज दिखाकर बगल की दूसरी जमीन बेच दी जाती है। जब खरीदार निर्माण या बाउंड्री कराते हैं, तो पीडीए कार्रवाई करता है और तब लोगों को ठगी का एहसास होता है।
पीडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। जहां लेआउट के विपरीत प्लाटिंग पाई जाएगी, वहां सूची बनाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच करें और केवल अधिकृत लेआउट वाली भूमि में ही निवेश करें, ताकि भूमाफिया के जाल में फंसने से बचा जा सके।

