मुंबई में मानसून के दौरान ‘समुद्र का तांडव’! 16 फीट तक उठेंगी लहरें, बीएमसी ने जारी किया हाई टाइड अलर्ट
जून-जुलाई में 24 बार 4.5 मीटर से ऊंची लहरें; 16 जुलाई को सीजन की सबसे ऊंची ज्वार की चेतावनी
मुंबई, (जनवार्ता) :
मानसून के आगमन से पहले ही देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में समुद्र के बढ़ते तेवरों को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने वर्ष 2026 के मानसून सीजन के लिए हाई टाइड (ज्वार-भाटा) का आधिकारिक शेड्यूल जारी करते हुए चेतावनी दी है कि इस बार समुद्र की लहरें कई बार खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती हैं।

बीएमसी के अनुसार, इस मानसून में कुल 24 बार समुद्र में 4.5 मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठेंगी, जिससे निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। सीजन की सबसे ऊंची लहर 16 जुलाई को आने का अनुमान है, जिसकी ऊंचाई 4.89 मीटर (करीब 16 फीट) तक पहुंच सकती है।
नगर निगम के शेड्यूल के मुताबिक जून महीने में ही समुद्र का जलस्तर खतरनाक स्तर छूने लगेगा। 14 जून से 19 जून तक लगातार छह दिनों तक हाई टाइड की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान 16 जून को 4.87 मीटर और 17 जून को 4.86 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है।
जुलाई महीने में समुद्र का उफान और तेज होगा। 15 जुलाई को 4.85 मीटर और 16 जुलाई को 4.89 मीटर की लहरें दर्ज होने का अनुमान है, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा स्तर होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाई टाइड के दौरान यदि तेज बारिश होती है तो नालों का पानी समुद्र में नहीं जा पाता, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है। मुंबई की भौगोलिक स्थिति—चारों ओर समुद्र से घिरे होने—के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
प्रशासन ने मरीन ड्राइव, गिरगांव चौपाटी, जुहू बीच और वर्ली सी-फेस जैसे तटीय इलाकों को संवेदनशील मानते हुए यहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।
बीएमसी ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि हाई टाइड के दौरान समुद्र तटों से दूर रहें और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। साथ ही लोगों को घर से निकलने से पहले ज्वार-भाटा का समय और मौसम की जानकारी अवश्य लेने की सलाह दी गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं।

