वाराणसी में भूसा दान अभियान तेज
वाराणसी (जनवार्ता)। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंशों के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए पशुपालन विभाग द्वारा चलाया जा रहा ‘भूसा दान महाअभियान’ जिले में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सहभागिता से अब तक 600 कुंतल से अधिक भूसा दान अथवा प्राप्त धनराशि से खरीदकर विभिन्न गोआश्रय स्थलों में सुरक्षित भंडारित कराया जा चुका है।

पशुपालन विभाग की टीम गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर किसानों, पशुपालकों, व्यापारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इस अभियान से जोड़ रही है। विभाग के अनुसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों का सकारात्मक सहयोग मिल रहा है, जिससे अभियान को लगातार मजबूती मिल रही है।
दान संग्रह में वरिष्ठ पशुधन प्रसार अधिकारी सलारपुर देवेंद्र कुमार सिंह ने 2.11 लाख रुपये से अधिक तथा हाथी बाजार क्षेत्र के वरिष्ठ पशुधन प्रसार अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने 63,500 रुपये की धनराशि जुटाकर उल्लेखनीय योगदान दिया है। विभागीय अधिकारियों ने दोनों के प्रयासों की सराहना की है।
दान से प्राप्त राशि के माध्यम से खरीदे गए भूसे की सात गाड़ियां थाना, परसरा, नदोय, बन्देपुर, खरावन और ठठरा स्थित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों के लिए रवाना की गईं। अधिकारियों का कहना है कि आश्रय स्थलों में गोवंशों के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार भंडारण कराया जा रहा है।
इसी क्रम में खुशीपुर भूसा मंडी स्थित एचआरएस भूसा भंडार के संचालक रणदीप सिंह ने चोलापुर स्थित गोआश्रय स्थल के लिए 90 कुंतल भूसा दान किया। विभाग ने इसे सामाजिक उत्तरदायित्व का सराहनीय उदाहरण बताया।
अपर निदेशक ग्रेड-2 पशुपालन विभाग वाराणसी मंडल डॉ. आर.बी. राम और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार सिंह ने भूसे से लदी गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अधिकारियों ने कहा कि निराश्रित गोवंशों का संरक्षण और समुचित भरण-पोषण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा जनसहयोग से गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर भूसा और दानराशि एकत्रित की जा रही है, ताकि वर्षभर गोवंशों के लिए चारे की कमी न हो। विभाग ने सामाजिक संस्थाओं, पशुपालकों और आम नागरिकों से अभियान में आगे आकर सहयोग करने की अपील की है।
पशुधन प्रसार अधिकारी संघ वाराणसी के महामंत्री शैलेश चौधरी ने बताया कि इससे पहले भी संजोई और परमपुर स्थित गौशालाओं में दान के माध्यम से बड़ी मात्रा में भूसा भंडारित कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सेवा भाव के साथ अभियान को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।

