वीडीए : रोजाना 300-400 लीटर ईंधन बचाने का लक्ष्य, शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने की पहल
वाराणसी (जनवार्ता)। शहर को प्रदूषण मुक्त और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने ‘ग्रीन मोबिलिटी अभियान’ की शुरुआत की है। इसके तहत प्राधिकरण ने अधिकारियों और कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों यानी ई-बाइक के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। अभियान के पहले चरण में 100 ई-बाइकों का ऑर्डर दिया जा रहा है।

वीडीए में वर्तमान समय में 400 से अधिक नियमित और आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन कार्यालय आने-जाने, फील्ड निरीक्षण, प्रवर्तन कार्रवाई और विभिन्न परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए पेट्रोल चालित दोपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने यह नई रणनीति तैयार की है।
प्राधिकरण का उद्देश्य वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करना, ईंधन की बचत करना तथा वाराणसी को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत कर्मचारियों को ई-बाइक खरीदने के लिए विभिन्न कंपनियों से संस्थागत छूट दिलाई जाएगी। इसके अलावा बैंकों के सहयोग से कम ब्याज दर पर आसान ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की ई-वाहन सब्सिडी, रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में मिलने वाली छूट का लाभ भी कर्मचारियों को दिलाया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत वीडीए मुख्यालय और जोनल कार्यालयों में ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इन चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम नागरिक भी इसका लाभ उठा सकेंगे।
वीडीए के अनुसार, योजना पूरी तरह लागू होने के बाद प्रतिदिन लगभग 300 से 400 लीटर पेट्रोल-डीजल की बचत होने का अनुमान है। इससे कर्मचारियों के ईंधन खर्च में कमी आने के साथ ही शहर के प्रदूषण स्तर में भी सुधार होगा।
यह अभियान वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि भविष्य में भी सतत शहरी विकास, स्वच्छ ऊर्जा और जनहित से जुड़ी नवाचारी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वाराणसी देश के अग्रणी ग्रीन शहरों में शामिल हो सके।

