30 जून को सेवानिवृत्त शिक्षकों को नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ न मिलने से चिंता
वाराणसी (जनवार्ता)। बेसिक शिक्षा परिषद के ऐसे शिक्षकों, जो पूर्व वर्षों में 30 जून को सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्हें शासन के प्रावधान के तहत एक नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाना है। इसके बावजूद वाराणसी में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त शिक्षक इस लाभ से अब तक वंचित हैं। इससे बुजुर्ग शिक्षकों में काफी नाराजगी और चिंता है।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2006 से 2015 के बीच 30 जून को सेवानिवृत्त हुए 72 से 82 वर्ष आयु वर्ग के करीब सात सौ से अधिक शिक्षक इस प्रकरण से प्रभावित हैं। इनमें कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ मिल चुका है, जबकि अधिकांश शिक्षक अभी भी इसके लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
सनत कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि लेखा कार्यालय की शिथिलता के कारण बुजुर्ग शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्टाफ की कमी का हवाला देकर प्रकरणों को लंबित किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। वर्षों तक शिक्षा विभाग की सेवा करने वाले बुजुर्ग शिक्षकों को अपने हक के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मांग की कि 30 जून को सेवानिवृत्त हुए सभी पात्र शिक्षकों के प्रकरणों की जांच कर नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ एवं उसके आधार पर देय सभी वित्तीय लाभों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
सनत कुमार सिंह ने चेतावनी दी कि यदि बुजुर्ग शिक्षकों के लंबित प्रकरणों का अतिशीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो संगठन शिक्षकों के हित में आंदोलनात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।

