छह माह बाद भी जांच अधूरी
कोर्ट ने चौक पुलिस से मांगी प्रगति रिपोर्ट
वाराणसी (जनवार्ता)। चौक थाने में दर्ज एक मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब करने संबंधी पूर्व आईपीएस एवं आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की अर्जी पर पुलिस की आख्या प्रस्तुत न होने पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने चौक पुलिस को शीघ्र रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी।

अधिवक्ता अनुज यादव के माध्यम से दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि दिसंबर 2025 में दर्ज मुकदमे में छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो विवेचना पूरी की है और न ही न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि प्राथमिकी दर्ज होने के कुछ ही दिनों बाद न्यायिक हिरासत की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद जांच अब तक लंबित है।
अर्जी में सवाल उठाया गया है कि बिना किसी स्पष्ट कारण या विवेचना संबंधी आवश्यकता के किसी आपराधिक मामले की जांच छह माह से अधिक समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। इसी आधार पर अब तक की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कराने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी के नेता एवं वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के मानद सदस्य अंबरीष सिंह भोला की शिकायत पर चौक थाने में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर तथा एक अन्य के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कथित रूप से मानहानिकारक एवं भ्रामक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।
अदालत के निर्देश के बाद अब चौक पुलिस को मामले की जांच की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करनी होगी।

