वाराणसी के वरुणा जोन में ‘कपरफोरवा गैंग’ का खौफ!
सोशल मीडिया से युवाओं की भर्ती, मामूली विवाद पर खूनी हमला
वाराणसी (जनवार्ता)। कमिश्नरेट के वरुणा जोन में कथित तौर पर सक्रिय ‘कपडरफोरवा गैंग’ का आतंक स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि दो दर्जन से अधिक युवकों का यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक हमलों को अंजाम देकर मोहल्लों में दहशत फैला रहा है।


स्थानीय लोगों के अनुसार गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर ऐसे समूह संचालित करते हैं, जिनमें कुछ सदस्य अपने नाम के आगे “307” और “302” जैसे भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के नंबर लिखकर युवाओं को प्रभावित करने और गैंग की छवि बनाने का प्रयास करते हैं। आरोप है कि इसी माध्यम से नए युवकों को भी समूह से जोड़ा जाता है।

तीन थाना क्षेत्रों में बढ़ती सक्रियता
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स्थानीय लोगों का दावा है कि गैंग की गतिविधियां मुख्य रूप से लालपुर, जैतपुरा और सारनाथ थाना क्षेत्रों की सीमाओं से जुड़े कई मोहल्लों में देखने को मिल रही हैं। आरोप है कि मामूली कहासुनी या वाहन हटाने जैसे छोटे विवाद भी देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल जाते हैं और हमलावर ईंट, पत्थर या अन्य भारी वस्तुओं से हमला कर लोगों को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं।
पुलिसकर्मी के परिवार पर हमले का आरोप
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क्षेत्रवासियों के अनुसार शुक्रवार रात लालपुर थाना क्षेत्र की नई बस्ती में एक पुलिसकर्मी के पुत्र और पुत्रवधू ने केवल रास्ते से वाहन हटाने का अनुरोध किया था। आरोप है कि इसके बाद कुछ युवकों ने सीमेंट की ईंट से हमला कर दोनों को लहूलुहान कर दिया। घायल परिवार का इलाज चल रहा है।
जांच को लेकर भी उठे सवाल
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पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद विवेचना की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। उनका कहना है कि विवेचक ने अब तक घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने या परिवार से विस्तार से संपर्क करने जैसी आवश्यक कार्रवाई नहीं की।
संरक्षण के आरोप, लोग खौफ में
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स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि गैंग को कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण इसके सदस्य खुलेआम लोगों को धमकाते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अधिकांश पीड़ित मुकदमा दर्ज कराने के बजाय समझौता कर लेते हैं, क्योंकि उन्हें भविष्य में प्रतिशोध का डर रहता है।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
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क्षेत्र के लोगों ने पुलिस कमिश्नरेट से गैंग की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को हिंसा की ओर आकर्षित करने वाले ऐसे गिरोहों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आमजन का विश्वास बना रहे।

