बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, रसड़ा क्षेत्र में शोक की लहर
बलिया (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात नई दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों और शुभचिंतकों ने उन्हें जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधि बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के नगरा थाना क्षेत्र के खनवर गांव में जन्मे उमाशंकर सिंह ने बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज से स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे और वर्ष 1990-91 में सतीश चंद्र कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए। इसके बाद वर्ष 2000 में जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए।
उन्होंने वर्ष 2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह बसपा के एकमात्र विजयी विधायक बने, जिसके बाद उन्हें बसपा विधानमंडल दल का नेता भी बनाया गया।
राजनीति के साथ-साथ उमाशंकर सिंह एक प्रमुख सिविल ठेकेदार और व्यवसायी भी थे। क्षेत्र में उन्हें गरीबों की मदद और जनहित के कार्यों के कारण ‘गरीबों का मसीहा’ और ‘रॉबिनहुड’ के नाम से भी जाना जाता था।
उनके राजनीतिक जीवन के दौरान एक समय तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के उल्लंघन के मामले में उन्हें अयोग्य भी घोषित किया था। हालांकि बाद के वर्षों में उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान और जनाधार को लगातार मजबूत बनाए रखा।
उमाशंकर सिंह के निधन से प्रदेश की राजनीति, विशेषकर पूर्वांचल में, एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि का अवसान माना जा रहा है। उनके अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार को लेकर समर्थकों में शोक का माहौल है।

