बीएचयू के बिरला-ए छात्रावास में अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का धरना
वाराणसी (जनवार्ता) । काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के बिरला-ए छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में छात्रों ने शुक्रवार शाम छात्रावास के बाहर धरना दिया। छात्र किताब, बैग और कपड़े लेकर धरने पर बैठे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने छात्रावास की समस्याओं से जुड़ी 50 से अधिक तस्वीरें भी प्रदर्शित कीं।

धरने पर बैठे छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रावास में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं और वे करीब एक वर्ष से इनके समाधान की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। एक छात्र ने आरोप लगाया कि दीमक लगने से उसकी किताबें और नोट्स खराब हो गए।
छात्रों ने छात्रावास में बिजली के खुले तार, खराब पंखे और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत की। उनका आरोप है कि समस्याओं की शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से बाहर निकलवाने की धमकी दी जाती है। छात्रों ने कहा कि समय रहते समस्याओं का समाधान होता तो उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।
धरने की जानकारी मिलने पर एडमिन वार्डन मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि छात्रों की शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन को भेज दी गई हैं और जल्द समाधान का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, छात्रों ने कहा कि उन्हें पिछले एक वर्ष से आश्वासन मिल रहा है और अब वे वास्तविक सुधार चाहते हैं।
बिरला-ए छात्रावास के वार्डन सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छात्रों की सभी समस्याओं को लिखकर विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में कुछ समय लगेगा और जल्द आवश्यक सुधार कराया जाएगा।
धरने के दौरान छात्रों ने एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें उनके अनुसार एक छात्र के साथ वार्डन द्वारा धक्का देने की घटना दिखाई दे रही है। छात्रों का कहना है कि वह अपनी समस्या को लेकर वार्डन के पास गया था। मामले को लेकर छात्रों ने प्रशासन से उचित कार्रवाई और छात्रावास की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार की मांग की।

