पेंशनरों ने की 80 वर्ष पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन की मांग
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था, शाखा-वाराणसी की ओर से पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा गया। संस्था की जिला शाखा की बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर्स कक्ष में जिलाध्यक्ष इंजीनियर एस.डी. मिश्र की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पांडेय ने किया।

बैठक में पेंशनरों की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। संस्था ने प्रधानमंत्री से 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनरों को मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन को 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमश: पांच, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन के रूप में देने की मांग की।
ज्ञापन में केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों और भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय के सिद्धांतों से संबंधित संसद से पारित विधेयक को वापस लेने, ताकि पेंशनरों के साथ अन्याय न हो, की मांग की गई। इसके साथ ही आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों के पेंशन पुनरीक्षण को शामिल करने की मांग रखी गई।
पेंशनरों ने सातवें वेतन आयोग की तरह आठवें वेतन आयोग में भी पुराने पेंशनभोगियों को सभी लाभ दिए जाने संबंधी संसद में वित्त मंत्री द्वारा दिए गए बयान/आश्वासन के अनुरूप शासनादेश जारी करने की मांग की। कोरोना काल से पूर्व वरिष्ठ नागरिकों एवं पेंशनरों को रेल और विमान किराये में मिलने वाली छूट बहाल करने तथा कोरोना काल में रोकी गई 18 माह की महंगाई भत्ते/महंगाई राहत की बकाया राशि का भुगतान करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि को 15 वर्ष से घटाकर अधिकतम 11 वर्ष किए जाने की मांग शामिल है। वहीं, प्रदेश सरकार से चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के लिए भौतिक रूप से आवेदन करने की बाध्यता समाप्त कर पेंशनरों के लिए बहाल की गई व्यवस्था को लागू करने तथा नौ सितंबर 2026 के शासनादेश में संशोधन कर राहत देने की मांग भी उठाई गई।
बैठक में प्रांतीय संरक्षक इंजीनियर शमसुल आरिफिन, इंजीनियर आरपी मिश्र, इंजीनियर डीएल श्रीवास्तव, हीरालाल, डॉ. परमेश्वर मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, इंजीनियर एसएन मणि, नागेंद्र सिंह, हीरालाल प्रसाद, अमरदेव, प्रमाकर दुबे, शिव प्रकाश, वीएन त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, रामजगा, राकेश मोहन पांडेय, श्रीमती शैलकुमारी, श्रीमती शकुंतला देवी, सावित्री देवी और रामचंद्र गुप्ता सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे।

