‘पाप के घड़े’ के जवाब में सपा ने फोड़ा ‘भाजपा के नाम का घड़ा’
कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन कर भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई का लगाया आरोप
वाराणसी। समाजवादी पार्टी के 34वें स्थापना दिवस पर भाजपा की ओर से ‘सपा के पाप का घड़ा’ फोड़े जाने के जवाब में सोमवार को वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा के नाम का घड़ा’ फोड़कर विरोध जताया। कलेक्ट्रेट के सामने जुटे सपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभिन्न मुद्दों को लेकर हमला बोला।

सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा की ओर से सपा के कथित 34 कारनामों को लेकर ‘पाप का घड़ा’ फोड़ा गया था। इसके जवाब में सपा ने भाजपा सरकार के 12 साल के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों को लेकर ‘नाम का घड़ा’ फोड़ा है। सपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि जनता आगामी चुनाव में भाजपा के खिलाफ अपने मत के जरिए इस घड़े को फोड़ेगी।
प्रदर्शन के दौरान सपा की ओर से तैयार किए गए घड़े पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, मिलीभगत, भाई-भतीजावाद, घोटाला और कमीशनखोरी जैसे मुद्दे लिखे गए थे। कार्यकर्ताओं ने इन मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा।
दरअसल, हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ‘सपा के पाप का घड़ा’ फोड़ते हुए सपा पर 34 आरोप लगाए थे। भाजपा ने दावा किया था कि सपा अपने कार्यकाल के कथित कारनामों के कारण सत्ता से बाहर हुई। अब सपा ने वाराणसी में भाजपा के खिलाफ घड़ा फोड़कर इसका राजनीतिक जवाब दिया है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। घड़ा फोड़ने की यह सियासी कवायद भी दोनों दलों के बीच बढ़ती जुबानी जंग और आरोप-प्रत्यारोप का नया रूप मानी जा रही है।

