जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतें अवैध, 15 दिन का अल्टीमेटम
रामपुर की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में बिना स्वीकृत नक्शे के बने 38 भवनों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बुधवार को सुनवाई के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की आपत्तियां खारिज करते हुए 15 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया। तय समय में निर्माण नहीं हटाने पर रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।

आरडीए की जांच में यूनिवर्सिटी परिसर की 40 इमारतों में केवल दो भवनों के नक्शे स्वीकृत पाए गए, जबकि 38 भवन बिना अनुमति के बने मिले। इस संबंध में एक जुलाई 2026 को प्रबंधन को नोटिस जारी कर निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगे गए थे।
सुनवाई के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि भवन निर्माण के समय रामपुर विकास प्राधिकरण अस्तित्व में नहीं था, इसलिए नक्शे स्वीकृत नहीं कराए जा सके। हालांकि जिलाधिकारी ने यह तर्क खारिज करते हुए बताया कि उस समय क्षेत्र जिला पंचायत के अधिकार क्षेत्र में था और यूनिवर्सिटी के दो भवनों के नक्शे वहीं से स्वीकृत कराए गए थे। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन को नियमों की जानकारी थी, लेकिन बाकी भवनों के लिए अनुमति नहीं ली गई।
डीएम ने बताया कि वर्ष 2024 से यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में है। अब अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार आरडीए के पास है और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने वर्ष 2003 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की स्थापना की थी। वर्ष 2005 में इसी ट्रस्ट के तहत जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई थी। वर्तमान में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड मामले में सात वर्ष की सजा काट रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी तंजीन फातिमा जमानत पर बाहर हैं।

