आगरा में RPF कमांडेंट बोले- दबाव में नहीं होगी कार्रवाई, जांच के बाद होगा फैसला
आगरा (जनवार्ता)। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारी से मारपीट के मामले में बुधवार को आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट राजमोहन पिचाई ने प्रेस वार्ता कर विभाग का पक्ष रखा। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और आरपीएफ के महानिदेशक को सैल्यूट किया।

राजमोहन पिचाई ने कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ मारपीट स्वीकार्य नहीं है, लेकिन मामले में कोई भी कार्रवाई सोशल मीडिया या जनदबाव के आधार पर नहीं, बल्कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि भावनाओं में लिया गया निर्णय गलत हो सकता है, इसलिए निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही फैसला होगा।
उन्होंने बताया कि घटना के समय प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ थी और आरपीएफ के जवान यात्रियों की सुरक्षा व ट्रेन संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। इसी दौरान एक यात्री को लेकर विवाद बढ़ गया। घटना में शामिल चार आरपीएफ जवानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग जवानों के व्यवहार का समर्थन नहीं करता।
आरपीएफ पर पैसे लेकर कार्रवाई करने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि विभाग नियमों के तहत निष्पक्ष तरीके से काम करता है और किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएगा। जांच पूरी होने तक सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे।
वहीं, सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और रेलवे सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

