NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, बोले- जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ा
नई दिल्ली (जनवार्ता)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पत्र जारी कर अपने फैसले की जानकारी दी। अपने संदेश में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सम्मान की बात रही है।

अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने वर्ष 2026 की NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेकर जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने का निर्णय भी लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराना थी। केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों तथा अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि उन्होंने पहले दिन से ही पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वीकार की और कभी उससे मुंह नहीं मोड़ा। उनका उद्देश्य था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG 2026 के परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
उन्होंने कहा कि देश में छात्रों के हितों, सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी राष्ट्र और युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प दोहराया।

