बंगाल में अवैध घुसपैठ पर सियासत तेज, भाजपा-टीएमसी आमने-सामने
पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सीमा क्षेत्रों में चल रही कार्रवाई के बीच उत्तर 24 परगना और मालदा से बड़ी संख्या में लोगों के वापस लौटने की खबरें सामने आई हैं। भाजपा नेताओं ने इसे राज्य सरकार की पुरानी नीतियों का नतीजा बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप लगाया है।
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट स्थित हकीमपुर चेकपोस्ट पर कथित रूप से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुटने की सूचना है। इस दौरान पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने अधिकारियों से उन्हें जल्द वापस भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार जेलों में उन्हें रखने पर खर्च नहीं करना चाहती और प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।
भाजपा विधायक Bishal Lama ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण अवैध प्रवासियों और रोहिंग्याओं को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद कई लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं और अब कार्रवाई का असर दिखाई दे रहा है।
वहीं भाजपा सांसद Khagen Murmu ने कहा कि अवैध प्रवासियों के लिए हिरासत केंद्र ही उचित स्थान हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के घोषणापत्र में भी घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का उल्लेख किया गया था। साथ ही उन्होंने सीमा पर बाड़बंदी के कार्य को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
इधर, राज्य के नए मुख्य सचिव के रूप में मनोज कुमार अग्रवाल की नियुक्ति को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। टीएमसी नेता Saket Gokhale ने इसे “बेशर्मी की हद” बताया, जबकि सांसद Derek O’Brien ने सोशल मीडिया के जरिए तंज कसा।


