गंगा एक्सप्रेसवे किनारे 11 औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे, भूमि आवंटन शुरू
लखनऊ (जनवार्ता)। प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने पहले चरण में 11 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक क्लस्टर (IMLC) विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और निवेशकों को भूमि आवंटन भी शुरू कर दिया गया है।

प्राधिकरण के अनुसार, इन क्लस्टरों के लिए लगभग 3707 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जिसका अधिग्रहण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। आगामी 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा हरदोई में एक्सप्रेसवे के लोकार्पण से पहले बुनियादी ढांचा तैयार करने की कवायद तेज कर दी गई है।
यह 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से प्रयागराज के जुडापुर दांदू तक फैला है और उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, मेरठ, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमरोहा, बुलंदशहर, हापुड़ सहित कई जिलों के 500 से अधिक गांवों को जोड़ता है।
इन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, बिजली, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, प्रदर्शनी स्थल और प्रशासनिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण भी कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे के संचालन के बाद कनेक्टिविटी बेहतर होने से निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इन औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि भी चिह्नित की जा रही है।

