यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 40 IAS अफसरों के तबादले, 15 जिलों के DM बदले
लखनऊ (जनवार्ता)। योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 IAS अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक बदलाव में 15 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, वहीं कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी अहम परिवर्तन किया गया है। इसे प्रशासनिक कसावट और विकास कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है, जबकि 2010 बैच के IAS आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को हटाया गया है और फिलहाल उन्हें नई तैनाती नहीं दी गई है। उनकी जगह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के MD नितिश कुमार को UPPCL का नया MD बनाया गया है।
इसके अलावा अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार से MSME और निर्यात प्रोत्साहन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
जिलों में भी व्यापक फेरबदल करते हुए सरकार ने कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। गौरांग राठी को झांसी, कुमार हर्ष को बुलंदशहर, अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर, निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, घनश्याम मीना को उन्नाव, अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी, इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी और मनीष बंसल को आगरा का जिलाधिकारी बनाया गया है।
इस फेरबदल में कई अधिकारियों को पहली बार जिलाधिकारी बनने का मौका मिला है। इनमें ब्रजेश कुमार (औरैया), आलोक यादव (शामली), अभिषेक गोयल (हमीरपुर), इंद्रजीत सिंह (सुल्तानपुर), अन्नपूर्णा गर्ग (श्रावस्ती), नितिन गौड़ (अमरोहा) और सरनजीत कौर ब्रोका (रायबरेली) शामिल हैं।
अन्य अहम तबादलों में दुर्गाशक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का आयुक्त बनाया गया है। अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव, श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का MD, मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव, रविन्दर सिंह को ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव, हर्षिता माथुर को महिला एवं बाल विकास निदेशक और अश्विनी कुमार पांडेय को अल्पसंख्यक विभाग का निदेशक बनाया गया है।
परिवहन आयुक्त पद से किंजल सिंह की विदाई और UPPCL के MD पद से पंकज कुमार को हटाया जाना प्रशासनिक स्तर पर बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने इस तबादला सूची को लंबे मंथन के बाद जारी किया है और इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ विभागीय समन्वय को मजबूत करना बताया जा रहा है।

