डिजिटल अरेस्ट का जाल, रिटायर्ड अधिकारी से 2.36 करोड़ ठगे, तीन गिरफ्तार
सोनभद्र साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 75 लाख रुपये फ्रीज, ठगी के पैसों से खरीदी टाटा हैरियर और फर्जी हाईकोर्ट अधिवक्ता आईडी बरामद
सोनभद्र। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर भय और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर सेवानिवृत्त अधिकारी से करीब 2.36 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सोनभद्र ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में ठगी की रकम में से 75 लाख रुपये होल्ड/फ्रीज कराने के साथ एक टाटा हैरियर कार, 2.10 लाख रुपये नकद, पांच एंड्रॉयड मोबाइल और इलाहाबाद हाईकोर्ट अधिवक्ता का फर्जी आईडी कार्ड बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को एसबीआई के शाखा प्रबंधक ने सूचना दी कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी लगातार अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर रहा है और पूछताछ में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि कथित साइबर ठगों ने हायर ज्यूडिशियरी और शासन के अधिकारियों का भय दिखाकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया और तीन बैंक खातों में करीब 2.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
AI और डीपफेक का इस्तेमाल कर बनाया दबाव-
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने AI तकनीक, डीपफेक तस्वीरों और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर पीड़ित को ब्लैकमेल और एक्सटॉर्शन के जाल में फंसाया। साइबर थाना और साइबर सेल की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी अरुण कुमार दूबे को प्रयागराज स्थित ओमेक्स अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर ठगी की रकम से खरीदी गई कार और नकदी बरामद हुई। मामले में सहयोग करने वाली प्रियंका मिश्रा और तेजल को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ऋषभ रुणवाल व क्षेत्राधिकारी साइबर हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई में साइबर थाना, साइबर सेल, स्वाट और ओबरा पुलिस की संयुक्त टीमें शामिल रहीं। पुलिस ने बैंक खातों पर अलर्ट लगाकर अन्य संदिग्ध खातों और मोबाइल नंबरों की भी निगरानी शुरू कर दी है।


