लेखपालों ने ऑनलाइन काम का बहिष्कार कर सरकारी वाट्सऐप समूह छोड़े
वाराणसी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण में गुरुवार को राजातालाब तहसील के लेखपालों ने ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया। लेखपालों ने तहसील प्रशासन के सरकारी वाट्सऐप समूहों से भी खुद को अलग कर लिया। इसके चलते आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर पंजीकरण और विभिन्न सत्यापन से जुड़े ऑनलाइन कार्य प्रभावित होने लगे हैं।

लेखपाल संघ के राजातालाब तहसील मंत्री सोनेलाल ने बताया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे लागू करना, वेतन विसंगति दूर करना, अंतरमंडलीय स्थानांतरण शुरू करना और पदोन्नति सूची जारी करना शामिल है। इसके अलावा लेखपालों के भत्ते में वृद्धि, कार्यालयों से संबद्ध लेखपालों को क्षेत्र में तैनाती देने तथा उच्च तकनीकी कार्यों के लिए लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
संघ ने ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और भत्ता उपलब्ध कराने, प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से लेखपालों को मुक्त करने, तहसीलवार परीक्षा परिणाम घोषित करने और लेखपालों का स्थायीकरण किए जाने की भी मांग उठाई है। संघ का कहना है कि प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग करीब दस वर्षों से लंबित है। वहीं अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति और अन्य मांगों को लेकर भी लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं।
संघ के चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत तीन अक्टूबर को तहसील दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया गया था। आठ अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार शुरू किया गया। 10 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर थाना समाधान दिवस में विरोध दर्ज कराया जाएगा। 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर और 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली प्रस्तावित है। 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। मांगें पूरी नहीं होने पर 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

