वाराणसी में स्मार्ट मीटर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, जबरन थोपने का लगाया आरोप
वाराणसी, (जनवार्ता)। स्मार्ट और प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में जोरदार प्रदर्शन किया। वाराणसी महानगर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में सिगरा स्थित अभियंता (वितरण) कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और बिजली विभाग पर आम जनता पर जबरन प्रीपेड/स्मार्ट मीटर थोपने का आरोप लगाया।


प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने सिगरा पेट्रोल पंप के समीप स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाल गंगाधर तिलक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संकल्प लिया। इसके बाद जुलूस के रूप में अभियंता (वितरण) कार्यालय पहुंचे, जहां सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें उठाईं।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में स्मार्ट और प्रीपेड मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं का सुनियोजित आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के पुराने मीटर हटाकर जबरन प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनके अनुसार यह व्यवस्था राहत देने के बजाय उपभोक्ताओं में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर रही है।
जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि यह नीति निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है, जबकि आम जनता की शिकायतों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली में तकनीकी खामियां, गलत बिलिंग और रिचार्ज संबंधी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन उनका समाधान समय पर नहीं हो रहा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अधीक्षण अभियंता को तीन सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा। इसमें जबरन लगाए गए प्रीपेड/स्मार्ट मीटर हटाकर पुरानी व्यवस्था बहाल करने, नए कनेक्शनों में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों व संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस नीति को वापस नहीं लिया तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी और सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

