मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के माध्यम से महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर विदेश से महंगे उपहार भेजने का झांसा देने और फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।


रविवार को पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में डीसीपी गोमती जोन/अपराध नीतू कादयान एवं एसीपी सारनाथ/साइबर विद्यूष सक्सेना ने मामले का खुलासा किया। अधिकारियों ने बताया कि 13 मार्च को वाराणसी की एक महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए परिचय बनाने वाले लोगों ने विदेश से पार्सल भेजने का झांसा देकर फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर उससे बड़ी रकम ठग ली।
मामले की जांच के लिए गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और सर्विलांस की मदद से बिहार के मोतिहारी में छापेमारी कर गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विजय कुमार (28) और रोहित रंजन (19) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से संपर्क करते थे। इसके बाद खुद को विदेश में रहने वाला बड़ा कारोबारी या एनआरआई बताकर भरोसा जीतते और महंगे उपहार भेजने का दावा करते थे। बाद में गिरोह के अन्य सदस्य फर्जी कस्टम, जीएसटी या ड्रग विभाग के अधिकारी बनकर फोन करते और पार्सल छुड़ाने के नाम पर धनराशि जमा कराने के लिए दबाव बनाते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की रकम को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाला जाता था। गिरोह द्वारा करीब 500 फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन खातों के नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
अधिकारियों ने बताया कि साइबर क्राइम सेल की अलग-अलग कार्रवाई में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक अन्य संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश किया गया है। दोनों मामलों में कुल पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

