बीएचयू में जेंडर एंड वुमेन्स स्टडीज का एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा शुरू, आज से आवेदन

बीएचयू में जेंडर एंड वुमेन्स स्टडीज का एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा शुरू, आज से आवेदन

वाराणसी (जनवार्ता)। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करते हुए जेंडर एंड वुमेन्स स्टडीज में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किया है। विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वुमेन्स स्टडीज एंड डेवलपमेंट की ओर से संचालित इस कोर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को जेंडर, महिला अधिकारों, सामाजिक न्याय, कानून और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े विषयों की व्यापक समझ प्रदान करना है।

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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह पाठ्यक्रम केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को समाज में जेंडर आधारित चुनौतियों और बदलावों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर भी देगा। वर्तमान समय में जेंडर संबंधी मुद्दे शिक्षा, मीडिया, नीति निर्माण, रोजगार और सामाजिक कार्य जैसे अनेक क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में यह कोर्स विद्यार्थियों के लिए नए करियर विकल्पों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।


पाठ्यक्रम में जेंडर की अवधारणा, महिला अधिकार, सामाजिक न्याय, कानून, संस्कृति, मीडिया में महिलाओं की भूमिका, कार्यस्थल पर समानता और विकास से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं समाज में जेंडर की बदलती भूमिका तथा उससे जुड़े सामाजिक प्रभावों को समझ सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जेंडर स्टडीज अब केवल एक अकादमिक विषय नहीं रह गया है, बल्कि शोध, सामाजिक विकास, नीति निर्माण और मीडिया जैसे क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। जेंडर संवेदनशीलता और सामाजिक मुद्दों की गहरी समझ रखने वाले युवाओं की मांग विभिन्न संस्थानों और संगठनों में बढ़ती जा रही है।
इस कोर्स में कक्षा शिक्षण के साथ-साथ प्रायोगिक शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। विद्यार्थियों को वर्कशॉप, सेमिनार और फील्ड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से जमीनी स्तर पर सामाजिक मुद्दों को समझने और उनका अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त होगा।

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सामाजिक सरोकारों, शोध और विकास के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पाठ्यक्रम उपयोगी साबित हो सकता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि यह कोर्स युवाओं में समाज को समझने और सकारात्मक बदलाव की सोच विकसित करने में सहायक होगा।
बीएचयू ने इस एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 17 जून से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की इस पहल को उच्च शिक्षा में नए विषयों को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Shiv murti

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