गंगा का जलस्तर घटते ही 85 घाटों पर शुरू होगी सिल्ट सफाई
निगरानी के लिए अफसर तैनात
वाराणसी (जनवार्ता)। गंगा का जलस्तर कम होते ही घाटों पर जमा सिल्ट (गाद) की सफाई को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने आदिकेशव घाट से रविदास घाट और रामघाट तक सभी 85 गंगा घाटों की सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। घाटों को अलग-अलग जोन और क्लस्टर में बांटकर पर्यवेक्षणीय एवं नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है।

नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि अधिकारी अपने आवंटित घाटों का प्रतिदिन स्थलीय निरीक्षण करेंगे और सफाई कार्य की जियोटैग तस्वीरें ‘ऑफिसर्स ग्रुप’ में साझा करेंगे। अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
घाटों की सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म पर जमा गाद को पूरी तरह हटाने के साथ निकाली गई सिल्ट का तत्काल उठान और निर्धारित स्थलों पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाना है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
सफाई कार्य की निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता और पवन कुमार गुप्ता सहित सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, जोनल अधिकारी इन्द्र विजय, मनोज कुमार सिंह, मृत्युंजय नारायण मिश्रा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भार्गव, जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा और राजीव कुमार तथा संयुक्त नगर आयुक्त कृष्णचंद्र को विभिन्न घाटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम का जोर है कि बाढ़ का पानी उतरते ही घाटों की सफाई तेजी से पूरी कराई जाए, ताकि काशी आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ घाट और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

