विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर एनडीआरएफ में कार्यशाला संपन्न
तनाव प्रबंधन के बताए उपाय
वाराणसी (जनवार्ता)। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार को 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), वाराणसी में मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने जवानों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उपाय बताए।

कार्यशाला में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय के एआरटीसी के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि मन के दर्द को समझना, उसे प्रबंधित करना और दूसरों के साथ साझा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अनियमित दिनचर्या, नकारात्मक सोच, नींद की कमी, मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग, नशा और काम का अधिक दबाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकते हैं।
डॉ. तिवारी ने नियमित दिनचर्या, सकारात्मक सोच, संतुलित आहार, नशे से दूरी, सीमित समय तक मोबाइल का प्रयोग, जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन और आपसी तालमेल को मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने और तनाव के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए विश्राम संबंधी व्यायामों की जानकारी भी दी।
भेलूपुर स्थित श्री विवेकानंद स्मारक राजकीय चिकित्सालय के योग प्रशिक्षक मनीष पांडेय ने तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने जवानों को विभिन्न योगासनों और योगाभ्यासों के माध्यम से तनाव कम करने के तरीके बताए।
डॉ. स्वाति तिवारी, डॉ. शालू और डॉ. सैंधवी ने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के आयुर्वेदिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खानपान, दिनचर्या और सोच का मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसलिए सात्विक एवं संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की चिकित्सक डॉ. परमजीत कौर, उप कमांडेंट राम भवन यादव, उप कमान अधिकारी संतोष कुमार, निरीक्षक सुधीर सिंह और सोमवीर चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अंत में राम भवन यादव ने विशेषज्ञों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को आवश्यक बताया।

