दिल्ली : कनॉट प्लेस में पथराव, 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का दावा
कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन के दौरान हंगामा और झड़प होने की खबर है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में पथराव के बाद पुलिस ने सात सौ से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का दावा किया है। पथराव में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी सूचना है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।


प्राप्त समाचार के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले आयोजित ‘जंतर-मंतर दो’ प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली के प्रतिबंधित क्षेत्रों की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड तोड़ने और सुरक्षा घेरा पार करने की बात सामने आई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
कनॉट प्लेस में पथराव, पुलिस ने किया बल प्रयोग
समाचार के मुताबिक, दोपहर में कनॉट प्लेस के बाहरी और भीतरी सर्किल के आसपास प्रदर्शनकारी जमा हो गए। इसी दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल बताए गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।
प्रमुख नेताओं को हिरासत में लेने का दावा
प्रदर्शन से पहले पुलिस द्वारा पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजक सौरव दास सहित कुछ प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। हिरासत से पहले जारी एक वीडियो में अभिजीत दीपके ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को संवैधानिक अधिकार बताते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
यातायात और मेट्रो सेवाएं प्रभावित होने का दावा
समाचार में सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए जाने तथा मध्य दिल्ली में यातायात प्रभावित होने का भी उल्लेख है। कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों की संख्या और इंटरनेट सेवाओं पर रोक की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल
प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की बात कही गई है। समाचार के अनुसार, आम आदमी पार्टी और वामपंथी दलों ने आंदोलन का समर्थन किया, जबकि कांग्रेस ने इससे दूरी बनाई। पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं लिए जाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू किए जाने का भी उल्लेख है।
पुलिस द्वारा पथराव करने वालों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों का सहारा लिए जाने की बात कही गई है। पूरे घटनाक्रम और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही स्थिति की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

