करसड़ा के कूड़े के पहाड़ से मिलेगी राहत, बायोमाइनिंग से बनेगा सघन वन
डेढ़ साल में 12.64 लाख मीट्रिक टन कचरे का होगा निस्तारण, 25 एकड़ में विकसित होगा मियावाकी जंगल
वाराणसी (जनवार्ता)। शहर के करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में वर्षों से जमा कूड़े के पहाड़ से अब वाराणसीवासियों को राहत मिलने जा रही है। नगर निगम ने मंगलवार से बायोमाइनिंग प्रक्रिया के जरिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण का काम शुरू कर दिया। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने परियोजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 अप्रैल को शुरू की गई इस योजना को अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
नगर निगम के अनुसार करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक में करीब 12.64 लाख मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है। इससे आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण और दुर्गंध की समस्या लगातार बनी हुई थी। अब 53.15 करोड़ रुपये की लागत से ‘बायोमाइनिंग’ तकनीक के माध्यम से इस कचरे को छांटकर उसका निस्तारण किया जाएगा।
नगर निगम की योजना के तहत कूड़े का पहाड़ हटने के बाद खाली हुई लगभग 25 एकड़ भूमि पर जापानी ‘मियावाकी’ तकनीक से सघन वन विकसित किया जाएगा। इससे शहर के कार्बन फुटप्रिंट में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि आज जिस स्थान से लोग नफरत करते हैं, वहीं डेढ़ साल बाद हरियाली और सुकून का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी में कूड़े से चारकोल और बिजली उत्पादन का कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र की हवा दुर्गंध से प्रभावित है, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद यह स्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित धरोहर बनेगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर से प्रतिदिन 1200 से 1300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्वच्छ काशी-सुंदर काशी’ अभियान के तहत यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।
उन्होंने बताया कि ‘इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी द्वारा विशेष ‘क्लीमैन मशीन’ की मदद से बायोमाइनिंग कार्य किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया की निगरानी ड्रोन कैमरों से होगी। साथ ही इस परियोजना से नगर निगम को कार्बन क्रेडिट के रूप में करीब 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की भी संभावना है।
कार्यक्रम में निगम उपसभापति नरसिंह दास सहित कई पार्षद और नगर निगम अधिकारी मौजूद रहे।


