वाराणसी में भाजपा का ओबीसी दांव
वाराणसी (जनवार्ता)। मिशन-2027 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई संगठनात्मक टीम का गठन कर दिया है। काशी क्षेत्र और वाराणसी में लंबे इंतजार के बाद घोषित नई टीम में पार्टी ने ओबीसी वर्ग पर विशेष भरोसा जताया है। जिला अध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष और काशी क्षेत्र अध्यक्ष—तीनों प्रमुख पदों की जिम्मेदारी पिछड़ा वर्ग से आने वाले नेताओं को सौंपी गई है।

नई नियुक्तियों के तहत अशोक चौरसिया को काशी क्षेत्र अध्यक्ष, प्रदीप अग्रहरि को महानगर अध्यक्ष और राम शकल पटेल को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वांचल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा ने सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तहत यह फैसला लिया है।
पार्टी संगठन में इससे पहले महानगर और काशी क्षेत्र अध्यक्ष जैसे पदों पर अन्य वर्गों के नेताओं को भी जिम्मेदारी मिलती रही है। वहीं पूर्व काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल को प्रदेश महामंत्री तथा पूर्व जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा को प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया जा चुका है। जबकि पूर्व महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय और पूर्व काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव को अभी बड़े दायित्व का इंतजार है।
काशी क्षेत्र में 16 जनपदों की 71 विधानसभा सीटें आती हैं, जिन पर भाजपा की विशेष नजर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने ओबीसी नेतृत्व को प्राथमिकता दी है। अब आगामी विधानसभा चुनाव में यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

