इंटर काशी पर संकट के बादल, आईएसएल से बाहर होने पर विचार
वाराणसी, (जनवार्ता):
वाराणसी स्थित फुटबॉल क्लब इंटर काशी इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। महज तीन वर्ष पहले स्थापित यह क्लब अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में है और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है।

क्लब की मुश्किलों की बड़ी वजह गोवा की टीम चर्चिल ब्रदर्स के साथ चल रहा कानूनी विवाद है। यह विवाद 2024-25 आई-लीग खिताब और आईएसएल में पदोन्नति को लेकर है। मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है और इसे लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है।
चर्चिल ब्रदर्स का आरोप है कि इंटर काशी ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) के नियमों का उल्लंघन करते हुए अपने ‘होम’ मैच वाराणसी के बजाय पश्चिम बंगाल के कालियानी में आयोजित किए। इस पर क्लब प्रबंधन का कहना है कि उनकी अकादमी और युवा टीम वाराणसी में ही संचालित हो रही है और उन्होंने यहां बुनियादी ढांचा खड़ा करने में वर्षों लगाए हैं।
कानूनी लड़ाई ने क्लब पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मामलों में अब तक करीब 4.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि मुकदमों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। क्लब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह लड़ाई अब केवल अस्तित्व ही नहीं, बल्कि सिद्धांत का प्रश्न बन गई है।
क्लब के भीतर असंतोष भी उभरने लगा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटबॉल पर ध्यान देने के बजाय उन्हें लगातार अदालतों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि विरोधी पक्ष बार-बार नए मामले दायर कर क्लब की प्रगति रोकने का प्रयास कर रहा है।
इस बीच, टीम के मुख्य कोच एंटोनियो लोपेज हाबास ने हाल ही में वेतन भुगतान में देरी को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि प्रबंधन का कहना है कि यह देरी अस्थायी है और जल्द ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन औसत रहा है। इंटर काशी फिलहाल आईएसएल अंक तालिका में आठवें स्थान पर है। नौ मैचों में टीम ने तीन जीत, चार हार और दो मुकाबले बिना नतीजे के साथ कुल 11 अंक हासिल किए हैं।
ऐसे हालात में क्लब प्रबंधन के सामने बड़ा सवाल है—क्या इंटर काशी अपने मिशन को जारी रखेगा या फिर बढ़ती चुनौतियों के बीच आईएसएल से दूरी बना लेगा। फिलहाल, इस पर अंतिम निर्णय आना बाकी है।

