दबंग नाव संचालकों का कहर: छोटे नाविकों का उत्पीड़न, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
वाराणसी के घाट क्षेत्रों में नाव संचालन को लेकर दबंगई और अव्यवस्था की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि मनबढ़ और प्रभावशाली नाव संचालक अपनी बड़ी नावों और मोटर बोट के जरिए छोटे नाविकों की नावों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, जिससे गरीब नाविकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।

पीड़ित नाविकों का कहना है कि वे कई बार वरिष्ठ अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। वहीं निचले स्तर पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि वे मोटी रकम लेकर दबंगों का पक्ष लेते हैं और शिकायत करने वाले नाविकों को धमकाकर चुप करा देते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दबंग परिवार संख्या और आर्थिक ताकत के बल पर स्थानीय चौकी पर अपना प्रभाव बनाए रखते हैं। आरोप है कि तेलियानाला चौकी प्रभारी अजय कुमार गरीब नाव संचालकों से बदसलूकी करते हैं, जिससे पीड़ित अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते। वहीं थानेदार विमल मिश्रा पर भी क्षेत्र में सक्रिय विवादों के बावजूद निष्क्रिय रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में नाव संचालन और सवारियों को बैठाने को लेकर कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ी घटना नहीं होती, तब तक प्रशासन हरकत में नहीं आता। खुद चौकी प्रभारी का यह कथन चर्चा में है कि “घटना के बाद प्रूफ मिलने पर ही कार्रवाई करता हूं, यही मेरी स्टाइल है।”
माझी समाज के एक प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया कि कुछ दबंग नाव संचालक निर्धारित स्थानों का उल्लंघन कर मनमानी तरीके से नाव बांधते हैं और कमजोर नाविकों का शोषण करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने पर भी पुलिस विभाग दबंगों का साथ देता है।
स्थानीय नागरिकों और नाविकों की मांग है कि कोई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच करे, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच ही इस पूरे विवाद में “दूध का दूध और पानी का पानी” कर सकती है।

