वाराणसी में बिजली व्यवस्था पर सख्ती: ट्रिपिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं – ऊर्जा मंत्री
वाराणसी (जनवार्ता) ।
उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने वाराणसी दौरे के दौरान सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी क्षेत्र में बिजली ट्रिपिंग अब स्वीकार्य नहीं होगी।
बैठक में मंत्री ने निर्बाध और सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन शहर में बिजली व्यवस्था उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री ने अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे तेज करने को कहा। साथ ही बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर बल दिया, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में उपभोक्ता हितों को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए गए। मंत्री ने निर्देश दिया कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की बिजली नेगेटिव बैलेंस होने पर भी नहीं काटी जाएगी, जबकि 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को अधिकतम 200 रुपये तक की राहत दी जाएगी। इसके अलावा किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले 5 चरणों में एसएमएस अलर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है। रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों पर भी नेगेटिव बैलेंस की स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने शहर में दो अत्याधुनिक ‘24×7 वैन’ का उद्घाटन भी किया। इन वाहनों का उद्देश्य बिजली फॉल्ट को जल्द से जल्द ठीक करना है। प्रत्येक वैन में आधुनिक सुरक्षा उपकरण और तकनीकी किट उपलब्ध हैं। इन वैनों पर तैनात टीमें तीन शिफ्टों में 24 घंटे काम करेंगी, जिनमें सुपरवाइजर, लाइनमैन और हेल्पर शामिल होंगे। ये टीमें ब्रेकडाउन सुधार, ट्रांसफॉर्मर बदलने, भूमिगत केबल फॉल्ट का पता लगाने और ओवरहेड लाइनों के रखरखाव जैसे कार्य करेंगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल ब्रेकडाउन सुधार तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित लाइन सर्वे कर संभावित फॉल्ट को पहले ही दूर किया जाए। पेड़ों की छंटाई, जर्जर केबल बदलने और आपदा की स्थिति में खंभों को तुरंत दुरुस्त करने जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सक्रिय कार्यप्रणाली से बिजली लाइनों की उम्र बढ़ेगी और आम जनता को बिजली कटौती से राहत मिलेगी।
बैठक में मेयर अशोक तिवारी और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

