आरटीआई में खुले आवास योजनाओं के राज, कई सवाल अनुत्तरित
वाराणसी (जनवार्ता)। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद से वाराणसी की जमीन, आवासीय-वाणिज्यिक योजनाओं, संपत्तियों के आवंटन, राजस्व और विकास कार्यों की जानकारी मांगे जाने पर कई अहम तथ्य सामने आए हैं, लेकिन कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। परिषद की कुल जमीन, योजनाओं पर खर्च और लंबित कार्यों की जानकारी संबंधित निर्माण खंड और अधिशासी अभियंता को भेज दी गई।

आरटीआई के जवाब में बताया गया कि कबीर नगर की सभी 741 और जवाहर नगर की 76 संपत्तियां आवंटित हो चुकी हैं। पाण्डेयपुर की 720 में से 716 संपत्तियां आवंटित हैं, जबकि चार संपत्तियां अभी शेष हैं। वहीं, वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक संपत्तियों की बिक्री और आवंटन से प्राप्त राजस्व का वर्षवार व योजनावार विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।
सड़क, नाली, सीवर, पानी, बिजली और पार्कों पर स्वीकृत व खर्च धनराशि तथा लंबित कार्यों की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई। इससे आरटीआई के जरिए मांगी गई कई महत्वपूर्ण सूचनाओं का स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
नगर निगम की आरटीआई भी अब तक लंबित है। 28 जुलाई और नौ अगस्त को दाखिल की गई दो आरटीआई अभी प्रक्रिया में हैं। इसके मुकाबले वाराणसी विकास प्राधिकरण की 17 जून की आरटीआई का 22 जुलाई को निस्तारण हो चुका है। गाजीपुर पुलिस की 31 मार्च की आरटीआई उसी दिन और आवास एवं विकास परिषद की आठ अगस्त की आरटीआई 14 अगस्त को निस्तारित कर दी गई। इससे नगर निगम की सूचना उपलब्ध कराने की गति पर सवाल उठ रहे हैं।

