जगन्नाथ को चढ़ रहा औषधीय काढ़ा, प्रसाद के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु
वाराणसी (जनवार्ता)। अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में स्नान यात्रा के बाद प्रतीकात्मक रूप से अस्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एकांतवास में हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रतिदिन विशेष औषधीय काढ़े का भोग लगाया जा रहा है, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है।

मंदिर के प्रधान पुजारी राधेश्याम पांडेय ने बताया कि काली मिर्च, लौंग, छोटी-बड़ी इलायची, जायफल, खांडसारी और तुलसी से तैयार काढ़ा पारंपरिक विधि से मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है। मान्यता है कि इस काढ़े के भोग के बाद भगवान 15 दिनों में स्वस्थ होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। काढ़े का प्रसाद लेने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रामयश मिश्र ने बताया कि यह परंपरा आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान का एकांतवास जीवन में धैर्य, संयम और प्रकृति के संतुलित उपयोग का संदेश देता है।

