बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
वाराणसी (जनवार्ता)। पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक खातों से अवैध निकासी करने वाले संगठित साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।

जानकारी के अनुसार, 24 मई को बलिया निवासी शिवदत्त हरिजन, जो वर्तमान में पुलिस लाइन वाराणसी में रह रहे हैं, ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से करीब 12 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई है। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व तथा एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सुरेंद्र कुमार निवासी मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर और विनय कुमार निवासी बलिया के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों के बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की सिम “सिम अपडेट” या अन्य बहानों से स्वैप करवा लेता था। इसके बाद आरोपी पेटीएम, फोन पे, जी पे और मोबिक्विक जैसे यूपीआई एप सक्रिय कर बैंक खातों तक पहुंच बना लेते थे। फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित पहचान पत्रों के जरिए विभिन्न सीएसपी सेंटरों से नकदी निकालकर रकम आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद, निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, उपनिरीक्षक संजीव कन्नौजिया, उपनिरीक्षक आलोक रंजन सिंह समेत साइबर क्राइम थाना की टीम शामिल रही।
कमिश्नरेट पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, लिंक या सिम अपडेट संबंधी संदेश पर भरोसा न करें तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।

